एनबीटी न्यूज ॥ फरीदाबाद
2031 में जिले की अनुमानित आबादी 42 लाख 43 हजार 75 के हिसाब से शहर के डिवेलपमेंट के लिए मास्टरप्लान-2031 तैयार किया गया है। यह प्लान 32 हजार 618 हेक्टेयर जमीन के लिए है। इस जमीन पर 72 नए सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं। मास्टर प्लान को प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है।
जमीन रिजर्व
32, 618 हेक्टेयर जमीन मास्टर प्लान-2031 के लिए
रिहायशी जोन 44.20 फीसदी 14,419 हेक्टेयर
इसमें रिहायशी सेक्टर, मल्टीलेवल बिल्डिंग, हाउसिंग सोसायटियां और गु्रप हाउसिंग प्रोजेक्ट डिवेलप किए जाएंगे
इंडस्ट्रियल 22.76 7742 हेक्टेयर
कमर्शल 4.10 फीसदी1342 हेक्टेयर
इसमें शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स आदि होंगे
ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशन10.60 3458 हेक्टेयर
ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा
पब्लिक और सेमी पब्लिक यूज 4.2 फीसदी1313 हेक्टेयर
इंस्टिट्यूशनल एक्टिविटी के लिए
पब्लिक यूटिलिटी 1.04 फीसदी340 हेक्टेयर
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट आदि डिवेलप किए जाएंगे
ओपन स्पेस 11.60 फीसदी3806 हेक्टेयर
ग्रीन बेल्ट व पार्क आदि डिवेलप किए जाएंगे
स्पेशल जोन 1.50 फीसदी
होंगे 72 सेक्टर
मास्टर प्लान में 55 गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें 72 सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं। इनमें जरूरत के हिसाब से कमर्शल यूज और वॉटर रीचार्ज जोन व ओपन स्पेस के लिए जमीन रिजर्व है। फरीदाबाद में फिलहाल 91 सेक्टर हैं। मास्टर प्लान में 92 से लेकर 158 तक सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं। इसमें से कुछ सेक्टर दो भागों में बांटे गए हैं, जिनमें 92 ए, 93ए, 95ए, 109ए और 156 ए शामिल है। रिहायशी सेक्टरों में 300 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के हिसाब से जमीन है। मिडल और लोअर क्लास के लिए 600 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 4 सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं, जिनमें सेक्टर 119, 126, 146 और 149 शामिल हैं।
बेहतर सड़कें
मास्टरप्लान -2031 के मुताबिक , सड़कें भी काफी बेहतर होंगी। सेक्टरों के चारों तरफ बनने वाली सड़क 90मीटर चौड़ी हांेगी , जिनके दोनों तरफ 30-30 मीटर की ग्रीन बेल्ट होगी। सेक्टरों का डिवाइडिंग रोड 60 मीटरचौड़ा होगा और इसके दोनों तरफ 12-12 मीटर की ग्रीन बेल्ट होंगी। सेक्टरों और कॉलोनियों के अंदर की कोईभी सड़क 12 मीटर से कम चौड़ी नहीं होगी। कुछ खास सड़कें 75 मीटर चौड़ी होंगी , जिनके दोनों तरफ 30-30मीटर की ग्रीन बेल्ट होगी।
बेहतर कनेक्टिविटी
इस प्लान में सूरजकुंड रोड को चौड़ा करने की प्लानिंग है , जिससे दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी होगी। नोएडाऔर ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी के लिए यमुना पर दो पुल बनाए जाएंगे। एक पुल गांव लालपुर के पास बनेगाजो नोएडा के सेक्टर 151 के पास मिलेगा। इस पुल से बाईपास रोड तक 90 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी ,जिसके दोनांे तरफ 30-30 मीटर ग्रीन बेल्ट होगी। दूसरा पुल मंझावली से ग्रेटर नोएडा को जोड़ेगा। यह पुल भीफरीदाबाद को 90 मीटर चौड़े रोड से जोड़ेगा। बाईपास रोड को कुंडली - गाजियाबाद - पलवल रोड से जोड़ने केलिए 75 मीटर चौड़ी सड़क की प्लानिंग है। फ्रेट कॉरिडोर की लाइन को भी मास्टरप्लान में शामिल किया गयाहै। फ्रेट कॉरिडोर की रेल लाइन 60 मीटर चौड़ी होगी। इसके दोनों तरफ 50-50 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट होगीऔर दोनों तरफ 12-12 मीटर चौड़ा सर्विस रोड बनाया जाएगा।
पर्याप्त पार्किंग
मास्टरप्लान के तहत बनने वाले नए सेक्टरों में हर 100 एकड़ पर मल्टीलेवल पार्किंग के लिए स्पेस रिजर्व है।वॉटर रीचार्ज जोन के लिए भी जगह रिजर्व है। इसके साथ ही मास्टरप्लान में आने वाले गांवों के चारों तरफ200 मीटर जगह गांवों के प्राकृतिक विस्तार के लिए छोड़ी गई है , ताकि भविष्य में एक्वायर होने वाली जमीन केबीच में निर्माण आदि न आएं।
मास्टरप्लान -2031 के लिए डिस्ट्रिक्ट और मेट्रोपॉलिटन लेवल के साथ - साथ गुड़गांव डिविजन के कमिश्नर केसाथ मीटिंग हो चुकी हैं। सुझाव भी मांगे जा चुके हैं। अब इसे प्रकाशित करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी काइंतजार है।
संजीव मान, डीटीपी
2031 में जिले की अनुमानित आबादी 42 लाख 43 हजार 75 के हिसाब से शहर के डिवेलपमेंट के लिए मास्टरप्लान-2031 तैयार किया गया है। यह प्लान 32 हजार 618 हेक्टेयर जमीन के लिए है। इस जमीन पर 72 नए सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं। मास्टर प्लान को प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है।
जमीन रिजर्व
32, 618 हेक्टेयर जमीन मास्टर प्लान-2031 के लिए
रिहायशी जोन 44.20 फीसदी 14,419 हेक्टेयर
इसमें रिहायशी सेक्टर, मल्टीलेवल बिल्डिंग, हाउसिंग सोसायटियां और गु्रप हाउसिंग प्रोजेक्ट डिवेलप किए जाएंगे
इंडस्ट्रियल 22.76 7742 हेक्टेयर
कमर्शल 4.10 फीसदी1342 हेक्टेयर
इसमें शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स आदि होंगे
ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशन10.60 3458 हेक्टेयर
ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा
पब्लिक और सेमी पब्लिक यूज 4.2 फीसदी1313 हेक्टेयर
इंस्टिट्यूशनल एक्टिविटी के लिए
पब्लिक यूटिलिटी 1.04 फीसदी340 हेक्टेयर
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट आदि डिवेलप किए जाएंगे
ओपन स्पेस 11.60 फीसदी3806 हेक्टेयर
ग्रीन बेल्ट व पार्क आदि डिवेलप किए जाएंगे
स्पेशल जोन 1.50 फीसदी
होंगे 72 सेक्टर
मास्टर प्लान में 55 गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें 72 सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं। इनमें जरूरत के हिसाब से कमर्शल यूज और वॉटर रीचार्ज जोन व ओपन स्पेस के लिए जमीन रिजर्व है। फरीदाबाद में फिलहाल 91 सेक्टर हैं। मास्टर प्लान में 92 से लेकर 158 तक सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं। इसमें से कुछ सेक्टर दो भागों में बांटे गए हैं, जिनमें 92 ए, 93ए, 95ए, 109ए और 156 ए शामिल है। रिहायशी सेक्टरों में 300 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के हिसाब से जमीन है। मिडल और लोअर क्लास के लिए 600 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 4 सेक्टर डिवेलप किए जाने हैं, जिनमें सेक्टर 119, 126, 146 और 149 शामिल हैं।
बेहतर सड़कें
मास्टरप्लान -2031 के मुताबिक , सड़कें भी काफी बेहतर होंगी। सेक्टरों के चारों तरफ बनने वाली सड़क 90मीटर चौड़ी हांेगी , जिनके दोनों तरफ 30-30 मीटर की ग्रीन बेल्ट होगी। सेक्टरों का डिवाइडिंग रोड 60 मीटरचौड़ा होगा और इसके दोनों तरफ 12-12 मीटर की ग्रीन बेल्ट होंगी। सेक्टरों और कॉलोनियों के अंदर की कोईभी सड़क 12 मीटर से कम चौड़ी नहीं होगी। कुछ खास सड़कें 75 मीटर चौड़ी होंगी , जिनके दोनों तरफ 30-30मीटर की ग्रीन बेल्ट होगी।
बेहतर कनेक्टिविटी
इस प्लान में सूरजकुंड रोड को चौड़ा करने की प्लानिंग है , जिससे दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी होगी। नोएडाऔर ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी के लिए यमुना पर दो पुल बनाए जाएंगे। एक पुल गांव लालपुर के पास बनेगाजो नोएडा के सेक्टर 151 के पास मिलेगा। इस पुल से बाईपास रोड तक 90 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी ,जिसके दोनांे तरफ 30-30 मीटर ग्रीन बेल्ट होगी। दूसरा पुल मंझावली से ग्रेटर नोएडा को जोड़ेगा। यह पुल भीफरीदाबाद को 90 मीटर चौड़े रोड से जोड़ेगा। बाईपास रोड को कुंडली - गाजियाबाद - पलवल रोड से जोड़ने केलिए 75 मीटर चौड़ी सड़क की प्लानिंग है। फ्रेट कॉरिडोर की लाइन को भी मास्टरप्लान में शामिल किया गयाहै। फ्रेट कॉरिडोर की रेल लाइन 60 मीटर चौड़ी होगी। इसके दोनों तरफ 50-50 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट होगीऔर दोनों तरफ 12-12 मीटर चौड़ा सर्विस रोड बनाया जाएगा।
पर्याप्त पार्किंग
मास्टरप्लान के तहत बनने वाले नए सेक्टरों में हर 100 एकड़ पर मल्टीलेवल पार्किंग के लिए स्पेस रिजर्व है।वॉटर रीचार्ज जोन के लिए भी जगह रिजर्व है। इसके साथ ही मास्टरप्लान में आने वाले गांवों के चारों तरफ200 मीटर जगह गांवों के प्राकृतिक विस्तार के लिए छोड़ी गई है , ताकि भविष्य में एक्वायर होने वाली जमीन केबीच में निर्माण आदि न आएं।
मास्टरप्लान -2031 के लिए डिस्ट्रिक्ट और मेट्रोपॉलिटन लेवल के साथ - साथ गुड़गांव डिविजन के कमिश्नर केसाथ मीटिंग हो चुकी हैं। सुझाव भी मांगे जा चुके हैं। अब इसे प्रकाशित करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी काइंतजार है।
संजीव मान, डीटीपी
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